चंदौली: परशुराम प्राकट्योत्सव में 5000 ब्राह्मण शामिल, आजाद सेना की घोषणा

24 April 2026

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चंदौली में परशुराम प्राकट्योत्सव, 5000 ब्राह्मण हुए शामिल

चंदौली में भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव समारोह में उमड़ी ब्राह्मणों की भीड़
मुगलसराय में आयोजित परशुराम प्राकट्योत्सव के दौरान उपस्थित ब्राह्मण समाज के लोग और अतिथि।

आजाद सेना गठन और परशुराम मंदिर निर्माण की घोषणा हुई

चंदौली: दीन दयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) स्थित केंद्रीय विद्यालय प्रेक्षागृह में बुधवार को भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव समारोह संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे आयोजित किया गया, जिसमें भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम की जयंती मनाई गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता और ब्राह्मण एकता पर चर्चा

समारोह की अध्यक्षता सदानंद दुबे ने की। इस अवसर पर भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव को भव्य रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में ब्राह्मण एकता को लेकर विस्तृत चर्चा भी की गई। इस दौरान ‘जय श्री परशुराम’ और ‘जय श्री राम’ के नारे गूंजे, और कार्यक्रम देर रात तक चला। परशुराम प्राकट्योत्सव चंदौली

पूर्व विधान परिषद सदस्य पंडित राजेश पति त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम ब्राह्मण समाज के आराध्य हैं। उनके प्रकटोत्सव को एकजुट होकर मनाना समाज की एकता का प्रतीक है। राजा उपाध्याय ने इस दौरान समाज के सभी ब्राह्मणों को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ देने और सबको साथ लेकर चलने पर जोर दिया।

चंदौली में भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव समारोह में उमड़ी ब्राह्मणों की भीड़

आजाद सेना और परशुराम मंदिर निर्माण की घोषणा

कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व मंत्री सुनील भराला सहित कई दिग्गज ब्राह्मण नेताओं ने शिरकत की। इस मंच से परशुराम मंदिर के निर्माण और ‘आजाद सेना’ के गठन की घोषणा की गई। नेताओं ने ब्राह्मण समाज में एकता का संदेश दिया।

गोरखपुर से आए पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी, जो स्वर्गीय हरिशंकर तिवारी के पुत्र हैं, ने जोर देकर कहा कि यह आयोजन किसी एक दल या विचारधारा का नहीं, बल्कि पूरे ब्राह्मण समाज का है। उन्होंने बताया कि सभी राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाया गया, ताकि समाज में एकता और सामंजस्य बना रहे। तिवारी ने समाज के उत्थान के लिए आपसी मतभेद भुलाकर सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।

आगामी रणनीति: घर-घर संपर्क अभियान

वक्ताओं ने आगामी दिनों में घर-घर संपर्क अभियान चलाने का भी निर्णय लिया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को भगवान परशुराम की विचारधारा से जोड़ना है। उन्होंने घोषणा की कि ऐसे वृहद कार्यक्रम न केवल जिले में, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में आयोजित किए जाएंगे।

नेताओं ने स्पष्ट किया कि जहां ब्राह्मणों का सम्मान नहीं होगा, वहां ब्राह्मण समाज नहीं रहेगा। उन्होंने ब्राह्मण समाज के मान-सम्मान के लिए एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मण समाज सिर्फ सम्मान चाहता है और जहां उसे सम्मान नहीं मिलता, वहां वह नहीं रहता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जहां ब्राह्मण समाज साथ रहा है, वहां हर क्षेत्र में जीत मिली है।

युवाओं की भागीदारी और समाज का मार्गदर्शन

वाराणसी के पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और प्रयागराज के पूर्व विधायक उदय भान करवरिया ने युवाओं को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उनका उद्देश्य समाज में नई ऊर्जा का संचार करना था। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाया। उन्होंने समाज की एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।

इस कार्यक्रम का नेतृत्व बीजेपी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और जिला पंचायत सदस्य सूर्यमुनि तिवारी, के.एन. पाण्डेय और जिला पंचायत सदस्य संजय पांडेय ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर समाजसेवी रूपेश उपाध्याय, गौरक्षा जिला अध्यक्ष परमानंद तिवारी, संतोष उपाध्याय, राकेश तिवारी, अजीत पाठक, संतोष मिश्रा, दीपक पाण्डेय, गोपाल पाण्डेय, शैलेंद्र कवि, संतोष तिवारी, शैलेश तिवारी, ब्रदेव पाण्डेय, हरिशंकर तिवारी, पीयूष दुबे, कमलेश मिश्रा, सोनू तिवारी, माधव पाण्डेय, मुन्ना पाण्डेय सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


रिपोर्ट: हरिशंकर तिवारी

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