11 May 2026
बलिया में राजपत्र और शासनादेश का अनुपालन कराने की मांग की गई है। इसके लिए जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद मुख्य मंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया है। इसके अलावा, आंदोलन के अगले क्रम में आदिवासी गोंडऊ नाच होगा। साथ ही गोंडऊ बाजा और हुरुका के साथ लखनऊ में विराट प्रदर्शन किया जाएगा। गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र बलिया

भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम-2002 का उल्लेख है। इसके द्वारा गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी गयी है। इसके साथ ही, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन समाज कल्याण अनुभाग-3 लखनऊ ने निर्देश दिए हैं।
शासनादेश संख्या- 129/2021/3206/26-3-2021 दिनांक 3 नवम्बर 2021 द्वारा दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसमें स्पष्ट जानकारी दी गई है। इसके अनुसार, आवेदनकर्ता साक्ष्य के तौर पर भू-राजस्व अभिलेख प्रस्तुत करे। यदि 1323, 1324, 1356, 1359 किसी एक फसली में भी गोंड अंकित है, तो इसकी पुष्टि की जाए।

अभिलेखागार के मूल रिकॉर्ड से पुष्टि होना अनिवार्य है। इसके पश्चात गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र निर्गत कर दिया जाए। शासनादेश के अनुसार, इसमें किसी भी प्रकार की हिला-हवाली न की जाए। हालांकि, उक्त दिशा-निर्देश का कड़ाई से अनुपालन कराने की मांग अभी भी जारी है।
इसलिए 11 मई 2026 को ऑल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आगसा) ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला संयोजक बिट्टू प्रसाद गोंड के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यलय पर हुआ। इसके पश्चात मुख्यमंत्री व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट को प्राप्त कराया गया।
आगसा जिला संयोजक बिट्टू प्रसाद गोंड ने इस दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आदिवासी जनजाति गोंड समुदाय के लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हम संघर्षरत हैं। इसके अलावा, हम निरंतर और लगातार अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।
अब आंदोलन के अगले क्रम में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। जल्द ही आदिवासी गोंडऊ नाच और गोंडऊ बाजा के साथ प्रदर्शन होगा। हुरुका के साथ लखनऊ विधानसभा पर विराट प्रदर्शन किया जाएगा। क्योंकि यह हक की लड़ाई है, इसलिए हजारों की संख्या में लोग वहां जुटेंगे।
इस आंदोलन में आगसा जिला संयोजक बिट्टू प्रसाद गोंड के साथ कई साथी मौजूद रहे। इनमें अरविन्द गोंडवाना, सुरेश शाह, संजय गोंड और उमाशंकर गोंड प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त प्रिन्स गोंड, रवीन्द्र गोंड, सोनू गोंड और सुदेश कुमार मंडावी भी वहां उपस्थित थे।
साथ ही बच्चालाल गोंड, ओमप्रकाश गोंड, अवधेश गोंड और कौशल कुमार ने भी सहयोग दिया। इनके अलावा मनोज गोंड, शिवशंकर गोंड, भुनेश्वर गोंड और चन्दन कुमार भी वहां मौजूद रहे। अतः सभी ने मिलकर इस आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया है।